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शुक्रवार, 5 अप्रैल 2019

भोजपुरी कविता, इत मोहब्बत के उसूलबा

   नमस्कार, मोहब्बत के अहसास से भरी मैने एक भोजपुरी कविता लिखी है जिसे मैं आपके दयार में रखना चाहता हूं मुझे यकीन है के मोहब्बत करने वालों को मेरी यह कविता जरूर पसंद आएगी

इ त मोहब्बत के उसूलबा

मोहब्बत त हमरा के तोहरे से भईलबा
अगर तोहरा ला इ गुनाह होखे
त हमसे इ गुनाह भईलबा
अब चाहे हमरा के तोहर प्यार नसीब होखे
या तिरस्कार नसीब होखे
ए हो जान हमरा तोहरा मोहब्बत में
सब कुछ कबूलबा
अब चाहे जमाना हमके दिवाना कहे
या आवारा कहे
हमरा के पत्थर मारे या फुल फेके
हर सुलूक चुपचाप हरल मोहब्बत के उसूलबा
काहे की ए हो जान
मोहब्बत त हमरा के तोहरे से भईलबा

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      इस भोजपुरी लोकगीत लिखते वक्त अगर शब्दो में या टाइपिंग में मुझसे कोई गलती हो गई हो तो उसके लिए मै बेहद माफी चाहूंगा | मै जल्दी ही एक नई रचना आपके सम्मुख प्रस्तुत करूंगा | तब तक अपना ख्याल रखें अपनों का ख्याल रखें , नमस्कार |

मंगलवार, 2 अप्रैल 2019

भोजपुरी कविता, इ UP के चुनाव ह

      नमस्कार , लोक सभा चुनाव को ध्यान में रखकर एक और भोजपुरी कविता आपके दयार में रख रहा हूं आपके प्यार एवं साथ की आवश्यकता है और मुझे आशा है कि मेरी ये कविता आप के दिल में अपनी जगह बनाने में कामयाब रहेगी

इ UP के चुनाव ह

इ UP के चुनाव ह
अस्सी सीट वाला
सरकार बनावे वाला
प्रधानमंत्री बनावे वाला
इ आम त बाद में
पहीले खास चुनाव ह

इहवा नोट के बदले वोट जायज बा
गाली और गोली जायज बा
प्रचार रैली बाकी सब ठीक ह
बाकी जीती उहे जे हारे के पक्का लायक बा
बहुमत पावेके के बा
त आचार संहिता के उलंघन कर
इहे हर पार्टी के पहीला सुझाव ह
इ UP के चुनाव ह

जेतना चाहे झूठों वादा कर
कम कर या ज्यादा कर
आरोप प्रत्यारोप त चलते रही
गरीबन के हक के बात केहु न कही
इहे त पहीला बचाव ह
इ UP के चुनाव ह

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भोजपुरी कविता , हे गंगा माई

    नमस्कार , एक और भोजपुरी कविता आपके दयार में रख रहा हूं आपके प्यार एवं साथ की जरूरत है और मुझे आशा है कि मेरी ये कविता आप के दिल में अपनी जगह बनाएगी

हे गंगा माई हमके आशीर्वाद द

हे गंगा माई
हमके आशीर्वाद द
निमन विचार द
शब्दन के भंडार द
पाप के आगे हम कबो झुकी न
कलम के रूप में हथियार द
तोहार कलकल जल बहत रहे
सदा निर्मल रहलबा सदा निर्मल रहे
पुरा देशवासी एक साथे तोहार जल
अइसहने पीयत रहे
माई हउ बेटा निहोरा करता
हमार शब्दन के पुजा स्वीकार ल
हे गंगा माई हमके आशीर्वाद द

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भोजपुरी कविता, टुटल शुपा लेखा किस्मत

    नमस्कार, एक और भोजपुरी कविता आपके दयार में रख रहा हूं आपके प्यार एवं साथ की जरूरत है और मुझे आशा है कि मेरी ये कविता आप के दिल में अपनी जगह बनाएगी

टुटल शुपा लेखा किस्मत होगयील ह

जेतने समेटे के कोशिश करतानी
ओतने जीवन के दाना छीटाता
हम कईसे इ दर्द सही
केहू से कुछ कहलो न जाता
हम कउनो ना समझ त ना बाडी
पर कउनो रास्ता न हमके बुझाता
आंख ना बंद कर सकिने हम
मगर आपन इ हालत देखलो ना देखाता
जीवन के बहाव में बहत बहत
हमार हिम्मत टुट गईल ह
टुटल शुपा लेखा किस्मत होगयील ह

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भोजपुरी कविता , हमार भोजपुरी सबसे मिठ भाषा बा

    नमस्कार , आज मैने भोजपुरी भाषा में एक कविता लिखने का प्रयास किया है मेरा यह प्रयास अगर आपको अच्छा लगा हो तो आपका साथ मुझे यू ही मिलता रहे

हमार भोजपुरी सबसे मिठ भाषा बा

सैकड़ों भाषा बाडी हमरा देश में
हजारों बोली बोललजाडी इहवा
पर हमरा के त अपना माटी से
प्यार थोडा ज्यादा बा
हम साचों कहतानी
हमार भोजपुरी सबसे मिठ भाषा बा

एहीमे बाबुजी के आशीर्वाद रहेला
माई के ममता और दुलार एहमे बा
कबो कउनो जवान गोरी लेखा सूनर त
कबो कोरा कागज लेखा सादा बा
हम साचों कहतानी
हमार भोजपुरी सबसे मिठ भाषा बा

कबो इ फगुआ और होली के लोकगीत होली
कबो उ भजन जउना मे बसल कान्हा राधा बा
कबो ई जीजा साली, देवर भाभी के नोकझोंक ह
त कबो मरते दम तक साथ निभावे वाला वादा बा
म साचों कहतानी
हमार भोजपुरी सबसे मिठ भाषा बा

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